Monday, November 10, 2008

महंगाई कहाँ कम हो रही है?

महंगाई कम हो रही है . महंगाई कम हो रही है . चारों ओर इसी बात की चर्चा हो रही है . हर चौराहे , हर नुक्कड़ पर लोग सिर्फ़ इसी बात की चर्चा में लिप्त हैं . सरकारी दफ्तरों में बाबू मुंह में पान दबाये धूप सेकते हुए गंभीरता से इसी चर्चा में स्वयं को व्यस्त दिखाते बेचारे आम आदमी को झिड़क रहे हैं . आला अफसर से लेकर एक चपरासी और सत्ताधारी शीर्ष नेता से लेकर एक अदने से छुटभैये तक सभी बड़े जोर-शोर से इसी को लेकर खुश हो रहे हैं कि महंगाई कम हो रही है .
मैं भी नुक्कड़ की उस भीड़ में खड़ा हो गया . मैंने एक नेता टाइप आदमी से पूछा ,”क्या सचमुच ही महंगाई कम हो रही है ?” उसने अजीब सी हिकारत भरी नजरों से मुझे देखा और प्रत्युत्तर में प्रश्न दागा ,”क्यों ? क्या आप अखबार नही पढ़ते ? महंगाई दर पहले से कम हो गई है .” मैंने पूछा ,”तो क्या अब गरीब आदमी आसानी से रोटी खरीद सकेगा ? क्या महंगाई इतनी कम हो गई है कि अब एक आम आदमी भी अपने बच्चों को अपने मनपसंद स्कूल में दाखिला दिला सकेगा ? क्या एक गरीब आदमी रोटी कमाने की चिंता किए बिना अपने बच्चों को स्कूल भेज सकेगा ? तभी किसी ने कहा ,”सीमेंट और सरिया सस्ता हो गया है .” मैंने पूछा ,”तो क्या अब झुग्गी-झोंपडी में रहने वाले अब पक्के और सीमेंटेड घर बना सकेंगे ? क्या अब अपने देश से मलिन बस्तियां समाप्त हो जायेंगी ?” किसी ने कहा ,”हवाई भाड़े में काफी कमी हो गई है .” मैंने पूछा ,”तो क्या सरकारी बसों में यात्रा करने से महरूम आम आदमी अब हवाई सफर करेगा ? क्या अब गरीब किसान और मजदूर अपने खेतों तक हवाई जहाज से जायेंगे ?”
लोग मेरी ओर घूर कर देखने लगे . मैं चुपचाप वहां से खिसक लिया . ये पता करने कि आख़िर महंगाई कहाँ कम हुई है . आपको पता चले तो कृपया मुझे भी बताना.

5 comments:

  1. बहुत सुंदर लाज़बाब बधाई और स्वागत मेरे ब्लॉग पर पधारे

    ReplyDelete
  2. ब्लोगिंग जगत में आपका स्वागत है. खूब लिखें, खूब पढ़ें, स्वच्छ समाज का रूप धरें, बुराई को मिटायें, अच्छाई जगत को सिखाएं...खूब लिखें-लिखायें...
    ---
    आप मेरे ब्लॉग पर सादर आमंत्रित हैं.
    ---
    अमित के. सागर
    (उल्टा तीर)

    ReplyDelete
  3. DEAR SIR
    GOOD MORNING,
    UR BLOG ITS VERY GOOD
    BUT PRICE-RISE ITS NOT STOPING.

    ReplyDelete
  4. आपने बहुत अच्छा लिखा है ।
    भावों की अभिव्यक्ति मन को सुकुन पहुंचाती है।
    लिखते रहि‌ए लिखने वालों की मंज़िल यही है ।
    कविता,गज़ल और शेर के लि‌ए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।
    मेरे द्वारा संपादित पत्रिका देखें
    www.zindagilive08.blogspot.com
    आर्ट के लि‌ए देखें
    www.chitrasansar.blogspot.com

    ReplyDelete